संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 62वें सत्र में भारत ने पाकिस्तान और इस्लामिक सहयोग संगठन द्वारा जम्मू-कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणियों पर सख्त आपत्ति जताई है। भारत ने पाकिस्तान के सभी आरोपों को दुर्भावनापूर्ण बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है।
भारत ने सिंधु जल संधि पर हेग स्थित कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन (CoA) के 15 मई 2026 के फैसले को पूरी तरह खारिज किया। विदेश मंत्रालय ने कहा- अवैध अदालत का फैसला शून्य और अमान्य।














